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Lesson Posted on 08/09/2022 Learn Class 6 Tuition

States of matter

Sudhanshu Jha

I have studied from Mount Assisi school, Bhagalpur which is a English medium convent school. Speaking...

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Lesson Posted on 22/10/2020 Learn Class 6 Tuition

Number System

Milan Kumar Mishra

I am IAS aspirant with mathematics as optional .I have good experience in clearing concepts of the subject....

(1.) Natural Number: Counting number is known as a natural number. E.g. 1,2,3,4....... (2.) Whole Number: When we add 0(zero) in the collection of the natural number, we get the Whole Number. Eg. 0,1,2,3,4... (3.) Even Number: Those numbers which are divisible by 2 are known as Even Numbers. Eg.... read more

(1.) Natural Number: Counting number is known as a natural number. 

E.g. 1,2,3,4.......

(2.) Whole Number: When we add 0(zero) in the collection of the natural number, we get the Whole Number.

Eg. 0,1,2,3,4...

(3.) Even Number: Those numbers which are divisible by 2 are known as Even Numbers. 

Eg. 0,2,4,6,8,10,12.....

(4.) Odd Number: Those numbers which are not even are known as Odd Number, i.e. odd numbers are not divisible by 2.

Eg. 1,3,5,7,9,11.....

(5.) Prime Number: These numbers are divisible by 1 and itself.

Eg. 2,3,5,7,11,13,17...

A smallest prime number is 2, which is also an even number.

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Lesson Posted on 08/07/2020 Learn Class 6 Tuition +6 Sanskrit Language Class 9 Class 7 Tuition Class VI-VIII Tuition Class I-V Tuition Class 10

दीर्घ सन्धि

Arun

I am a tutor with 7 years of experience in teaching Sanskrit and Hindi . I have taken classes in person...

दीर्घ संधि की परिभाषा जब दो शब्दों की संधि करते समय (अ, आ) के साथ (अ, आ) हो तो ‘आ‘ बनता है, जब (इ, ई) के साथ (इ, ई) हो तो ‘ई‘ बनता है, जब (उ, ऊ) के साथ (उ, ऊ) हो तो ‘ऊ‘ बनता है। जैसे: पुस्तक + आलय : पुस्तकालय बनता है। यहाँ अ+आ मिलकर आ बनाते हैं। दीर्घ संधि के कुछ... read more

दीर्घ संधि की परिभाषा

जब दो शब्दों की संधि करते समय (अ, आ) के साथ (अ, आ) हो तो ‘आ‘ बनता है,
जब (इ, ई) के साथ (इ, ई) हो तो ‘ई‘ बनता है,
जब (उ, ऊ) के साथ (उ, ऊ) हो तो ‘ऊ‘ बनता है।


जैसे: पुस्तक + आलय : पुस्तकालय बनता है। 
यहाँ अ+आ मिलकर आ बनाते हैं।

दीर्घ संधि के कुछ उदाहरण :

विद्या + अभ्यास : विद्याभ्यास (आ + अ = आ)
ऊपर दिए गए उदाहरण में आप देख सकते हैं कि जब आ एवं अ दो स्वरों को मिलाया गया
तो उन्होंने आ का निर्माण किया।

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Lesson Posted on 08/07/2020 Learn Class 6 Tuition +6 Sanskrit Language Class VI-VIII Tuition Class I-V Tuition Class 7 Tuition Class 9 Class 10

तत्पुरुष समास

Arun

I am a tutor with 7 years of experience in teaching Sanskrit and Hindi . I have taken classes in person...

द्वितीया तत्पुरुष समासअर्थ - द्वितीया तत्पुरुष समास तत्पुरुष समास का एक भेद है। जिसके एक पद (शब्द)में द्वितीया विभक्ति होती है। इसीलिए इसे द्वितीया तत्पुरुष समास कहा जाता है । नियम 1 जब किसी समस्त पद के उतर पद में श्रित अतीत पतित गत प्राप्त आपन्न शब्द हों तो वहां द्वितीया तत्पुरुष समास होता है उदाहरण... read more

द्वितीया तत्पुरुष समास
अर्थ - द्वितीया तत्पुरुष समास तत्पुरुष समास का एक भेद है। जिसके एक पद (शब्द)में द्वितीया विभक्ति होती है। इसीलिए इसे द्वितीया तत्पुरुष समास कहा जाता है ।

नियम 1
जब किसी समस्त पद के उतर पद में श्रित अतीत पतित गत प्राप्त आपन्न शब्द हों तो वहां द्वितीया तत्पुरुष समास होता है

उदाहरण - कष्टश्रित:
यहां दो शब्द हैं एक कष्ट और दूसरा श्रित , श्रित पद बाद में है इसीलिए यहां पर द्वितीया तत्पुरुष समास होगा ।
जिस कारण से कष्ट में द्वितीया विभक्ति हो जाएगी । और विग्रह बनेगा -
कष्टं श्रित: = कष्टश्रित:

कुछ अन्य उदाहरण
ग्रामगत:
जलपतित:
मोदकप्राप्त:
धनापन्न:

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Lesson Posted on 24/06/2020 Learn Class 6 Tuition +7 Sanskrit Language Sanskrit Class 7 Tuition Class 9 Class I-V Tuition Class IX-X Tuition Class VI-VIII Tuition

गुण सन्धि

Arun

I am a tutor with 7 years of experience in teaching Sanskrit and Hindi . I have taken classes in person...

गुण सन्‍धि (आद् गुुण:)— यदि 'अ' या 'आ' के बाद 'इ' या 'ई' आए। दोनों के स्‍थान पर ए एकादेश हो जाता है। इसी तरह यदि 'अ' या 'आ' के बाद 'उ' या 'ऊ' आए तो दोनों के स्‍थान पर 'ओ' एकादेश हो जाते हैं। इसी तरह 'अ' या 'आ' के बाद यदि 'ऋ' आए तो दोनों के स्‍थान पर 'अर' एकादेश हो जाता है।उदाहरण... read more

गुण सन्‍धि

(आद्   गुुण:)— यदि 'अ' या 'आ' के बाद 'इ' या 'ई' आए।
दोनों के स्‍थान पर ए एकादेश हो जाता है। इसी तरह यदि 'अ' या 'आ' के बाद 'उ' या 'ऊ' आए तो दोनों के स्‍थान पर 'ओ' एकादेश हो जाते हैं।
इसी तरह 'अ' या 'आ' के बाद यदि 'ऋ' आए तो दोनों के स्‍थान पर 'अर' एकादेश हो जाता है।
उदाहरण —
अ/आ + इ/ई = ए
उप + इन्‍द्र: = उपेन्‍द्र:
देव + इन्‍द्र: = देवेन्‍द्र:

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Lesson Posted on 24/06/2020 Learn Class 6 Tuition +7 Sanskrit Sanskrit Language Class I-V Tuition Class IX-X Tuition Class 7 Tuition Class VI-VIII Tuition Class 9

वृद्धि संधि

Arun

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वृद्धि‍ सन्धि (वृद्धिरेचि)— यदि 'अ' या 'आ' के बाद 'ए' या 'ऐ' आए तो दोनों के स्‍थान पर 'ऐ' एकादेश हो जाता है। इसी तरह 'अ' या 'आ' के बाद 'ओ' या 'औ' आए तो दोनों के स्‍थान पर 'औ' एकादेश हो जाता है। अ/आ + ए/ऐ = ऐउदाहरण—मम + एव = ममैवएक + एकम् = एकै कम्तव + एव = तवैव read more

वृद्धि‍ सन्धि

(वृद्धिरेचि)— यदि 'अ' या 'आ' के बाद 'ए' या 'ऐ' आए
तो दोनों के स्‍थान पर 'ऐ' एकादेश हो जाता है। इसी तरह 'अ' या 'आ' के
बाद 'ओ' या 'औ' आए तो दोनों के स्‍थान पर 'औ' एकादेश हो जाता है।
अ/आ + ए/ऐ = ऐ
उदाहरण—
मम + एव = ममैव
एक + एकम् = एकै कम्
तव + एव = तवैव

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Lesson Posted on 24/06/2020 Learn Class 6 Tuition +7 Sanskrit Language Sanskrit Class I-V Tuition Class IX-X Tuition Class 7 Tuition Class VI-VIII Tuition Class 9

वृद्धि संधि उदाहरण

Arun

I am a tutor with 7 years of experience in teaching Sanskrit and Hindi . I have taken classes in person...

अद्य + एव = अद्यैवलता + एव = लतैवतथा + एव = तथैवसदा + एव = सदैव देव + ऐश्‍वर्यम् = देवैश्‍वर्यम्आत्‍म + ऐक्‍यम् = आत्‍मैक्‍यम् अ/आ + ओ/औ = औ जल + ओघ: = जलौघ:मम + ओषधि: = ममौषधि:नव + ओषधि: = नवौषधि: विद्या + औचित्‍यम् = विद्यौचित्‍यम्आत्‍म + औत्‍सुक्‍य म्... read more

अद्य + एव = अद्यैव
लता + एव = लतैव
तथा + एव = तथैव
सदा + एव = सदैव
देव + ऐश्‍वर्यम् = देवैश्‍वर्यम्
आत्‍म + ऐक्‍यम् = आत्‍मैक्‍यम्


अ/आ + ओ/औ = औ


जल + ओघ: = जलौघ:
मम + ओषधि: = ममौषधि:
नव + ओषधि: = नवौषधि:
विद्या + औचित्‍यम् = विद्यौचित्‍यम्
आत्‍म + औत्‍सुक्‍य म् = आत्‍मौत्‍सुक्‍य म्

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Lesson Posted on 22/06/2020 Learn Class 6 Tuition +7 Sanskrit Language Sanskrit Class 7 Tuition Class 9 Class I-V Tuition Class VI-VIII Tuition Class IX-X Tuition

स्वर संधि

Arun

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दो स्वरों के मेल से होने वाले विकार (परिवर्तन) को स्वर-संधि कहते हैं। जैसे - विद्या + आलय = विद्यालय। स्वर-संधि छ: प्रकार की होती हैं - दीर्घ संधि गुण संधि वृद्धि संधि यण संधि अयादि संधि वृद्धि संधि
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दीर्घ सन्धि

Arun

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दीर्घ संधि सूत्र- अक: सवर्णे दीर्घः अर्थात् अक् प्रत्याहार के बाद उसका सवर्ण आये तो दोनो मिलकर दीर्घ बन जाते हैं। ह्रस्व या दीर्घ अ, इ, उ के बाद यदि ह्रस्व या दीर्घ अ, इ, उ आ जाएँ तो दोनों मिलकर दीर्घ आ, ई और ऊ हो जाते हैं। जैसे - (क) अ/आ + अ/आ = आ अ + अ = आ --> धर्म + अर्थ = धर्मार्थ / अ + आ... read more

दीर्घ संधि

सूत्र- अक: सवर्णे दीर्घः अर्थात् अक् प्रत्याहार के बाद उसका सवर्ण आये तो दोनो मिलकर दीर्घ बन जाते हैं। ह्रस्व या दीर्घ अ, इ, उ के बाद यदि ह्रस्व या दीर्घ अ, इ, उ आ जाएँ तो दोनों मिलकर दीर्घ आ, ई और ऊ हो जाते हैं। जैसे -

(क) अ/आ + अ/आ = आ

अ + अ = आ --> धर्म + अर्थ = धर्मार्थ / अ + आ = आ --> हिम + आलय = हिमालय / अ + आ =आ--> पुस्तक + आलय = पुस्तकालय
आ + अ = आ --> विद्या + अर्थी = विद्यार्थी / आ + आ = आ --> विद्या + आलय = विद्यालय

(ख) इ/ ई + इ/ई = ई

इ + इ = ई --> रवि + इंद्र = रवींद्र ; मुनि + इंद्र = मुनींद्र
इ + ई = ई --> गिरि + ईश = गिरीश ; मुनि + ईश = मुनीश
ई + इ = ई- मही + इंद्र = महींद्र ; नारी + इंदु = नारींदु
ई + ई = ई- नदी + ईश = नदीश ; मही + ईश = महीश .

(ग) उ और ऊ की संधि

उ + उ = ऊ- भानु + उदय = भानूदय ; विधु + उदय = विधूदय
उ + ऊ = ऊ- लघु + ऊर्मि = लघूर्मि ; सिधु + ऊर्मि = सिंधूर्मि
ऊ + उ = ऊ- वधू + उत्सव = वधूत्सव ; वधू + उल्लेख = वधूल्लेख
ऊ + ऊ = ऊ- भू + ऊर्ध्व = भूर्ध्व ; वधू + ऊर्जा = वधूर्जा

(घ)  ऋ /ॠ + ऋ/ॠ = ॠ

होतृ + ऋकार:  = होतृॄकार: 

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Lesson Posted on 21/06/2020 Learn Class 6 Tuition +7 Sanskrit Language Sanskrit Class 7 Tuition Class I-V Tuition Class VI-VIII Tuition Class 9 Class IX-X Tuition

समास अर्थ

Arun

I am a tutor with 7 years of experience in teaching Sanskrit and Hindi . I have taken classes in person...

समास के नियमों से निर्मित शब्द सामासिक शब्द कहलाता है। इसे समस्तपद भी कहते हैं। समास होने के बाद विभक्तियों के चिह्न (परसर्ग) लुप्त हो जाते हैं। जैसे-राजपुत्र। समास-विग्रह सामासिक शब्दों के बीच के संबंधों को स्पष्ट करना समास-विग्रह कहलाता है।विग्रह के पश्चात सामासिक शब्दों का लोप हो जाताहै जैसे-राज+पुत्र-राजा... read more

समास के नियमों से निर्मित शब्द सामासिक शब्द कहलाता है। इसे समस्तपद भी कहते हैं। समास होने के बाद विभक्तियों के चिह्न (परसर्ग) लुप्त हो जाते हैं। जैसे-राजपुत्र।

समास-विग्रह

सामासिक शब्दों के बीच के संबंधों को स्पष्ट करना समास-विग्रह कहलाता है।विग्रह के पश्चात सामासिक शब्दों का लोप हो जाताहै जैसे-राज+पुत्र-राजा का पुत्र।

पूर्वपद और उत्तरपद

समास में दो पद (शब्द) होते हैं। पहले पद को पूर्वपद और दूसरे पद को उत्तरपद कहते हैं।

जैसे-गंगाजल।गंगा+जल, जिसमें गंगा पूर्व पद है,और जल उत्तर पद।

इसमें गंगा पूर्वपद और जल उत्तरपद है।
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