* संस्कृत में दश लकार होते हैं -- ( लकार से संस्कृत में काल का ज्ञान होता है) १. लट् लकार (वर्तमान काल ) २. लोट् लकार (आदेश देने अर्थ में) ३ . लड्॒ लकार ...
विकार अर्थ में विभक्ति जिस अंग के विकार से शरीर में विकृति लक्षित हो (दिखाई दे) उस अंग में तृतीया विभक्ति होती है। नेत्रेण अन्धः अस्ति = आंख से अन्धा है। क्रिया की विशेषता...