I am a home tutor, basically teaching students English, Hindi, Science, Social Science and Maths .I have a Bachelor's degree in Botany and a Masters...
I am a TEFL-certified english teacher, I teach the American accent and business English. I also teach spoken English. I am a certified public speaking...
I’m preparing for the UPSC Civil Services Examination and have completed my M.A. in Political Science from Vikram University, Ujjain. I teach Humanities...
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Post your requirement nowI have always loved teaching and would give personal attention to each student.I have 10 years experience to teach hindi language for all grades like...
I am an experienced and passionate Post Graduate Teacher (PGT) in History and sociology with over 3 years of teaching experience in the Directorate...
I am a second-year MBBS student with a strong foundation in Biology and a deep passion for teaching. My medical education has strengthened my understanding...
With over 10 years of experience in teaching Hindi and Sanskrit, I have had the privilege of guiding numerous Class 12 students through their board...
I have significant experience teaching Class 12 students across various subjects, focusing on preparing them for board examinations (CBSE, State Boards)...
I'm a teacher n studying also. I'm giving home and online tution since last 3 years. I am a graduate from renowned Banaras Hindu University n currently...
I am a dedicated teacher with nearly 20 years of experience in teaching Hindi and Sanskrit to students from Class I to Class XII. Well-versed with...
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Post a LessonAnswered on 23/02/2024 Learn CBSE - Class 12/Hindi/Antra/Chapter 1 - Jaishankar Prasad/NCERT Solutions/Exercise 1
Sadika
Treatment for anterior pelvic tilt typically involves a combination of stretching, strengthening exercises, postural correction, and sometimes manual therapy. However, the specific therapy you may need depends on the severity of your condition, any underlying causes, and your individual circumstances.
Here are some general recommendations:
Stretching: Stretching tight muscles, such as the hip flexors, quadriceps, and lower back muscles, can help alleviate tension and improve flexibility.
Strengthening: Strengthening exercises for the glutes, hamstrings, and core muscles can help stabilize the pelvis and correct muscle imbalances.
Postural Correction: Focus on maintaining proper posture throughout the day, including when sitting, standing, and walking. This may involve consciously tilting the pelvis into a neutral position.
Manual Therapy: Depending on your specific needs and the recommendation of a healthcare professional, you may benefit from manual therapies such as chiropractic adjustments, massage therapy, or physical therapy.
Orthotics: In some cases, orthotic inserts or shoe modifications may be recommended to support proper alignment and reduce stress on the pelvis and lower back.
Education and Lifestyle Changes: Learning about proper body mechanics and making lifestyle modifications, such as avoiding prolonged sitting or activities that exacerbate the issue, can also be beneficial.
It's important to consult with a qualified healthcare professional, such as a physical therapist, chiropractor, or orthopedic specialist, who can assess your condition, provide a proper diagnosis, and develop a personalized treatment plan tailored to your needs. They can also guide you through appropriate exercises and therapies to address your anterior pelvic tilt and any associated symptoms.
Answered on 17/06/2020 Learn CBSE - Class 12/Hindi/Antra/Chapter 20 - Mamta Kalia - Dusra Devdas/NCERT Solutions/Exercise 20
Deepika Agrawal
Interested to teach to class 1 to 5 , 6 to 10 , 11&12
संभव एक नौजवान था। इससे पहले किसी लड़की ने उसके दिल में दस्तक नहीं दी थी। अचानक पारो से मुलाकात होने पर उसे किसी लड़की के प्रति प्रेम की भावना जागरूक हुई थी। पारो को जब उसने गुलाबी साड़ी में पूरी भीगी हुई देखा, तो वह देखता रह गया। उसका सौंदर्य अनुपम था। उसने उसके कोमल मन में हलचल मचा दी। वह उसे खोजने के लिए हरिद्वार की गली-गली खोजता था। घर पहुँचकर उसका किसी चीज़ में मन नहीं लगता। विचारों और ख्वाबों में बस पारो की ही आकृति उसे नज़र आ रही थी। वह उससे मिलने के मनसूबे बनाना लगा। उसका दिल उसे पाना चाहता था। पारो उस क्षण में ही उसके जीवन का आधार बन गई थी, जिसे पाने के लिए वह कुछ भी करने को तैयार था।
read lessAnswered on 16/06/2020 Learn CBSE - Class 12/Hindi/Antra/Chapter 20 - Mamta Kalia - Dusra Devdas/NCERT Solutions/Exercise 20
Deepika Agrawal
Interested to teach to class 1 to 5 , 6 to 10 , 11&12
'गंगा' भारत की सर्वाधिक महिमामयी नदी है। इसे देवनदी, मंदाकिनी, भगीरथी, विश्नुपगा, देवपगा, देवनदी, इत्यादि नामों से भी जाना जाता है। गंगा का उद्गम स्थल गंगोत्री है। यह हिमालय के उत्तरी भाग गंगोत्री से निकलकर नारायण पर्वत के पार्श्व से ऋषिकेश, हरिद्वार, कानपुर, प्रयाग, विध्यांचल, वाराणसी, पाटिलीपुत्र, मंदरगिरी, भागलपुर, बंगाल से गुजरती हुई गंगासागर में समाहित हो जाती है।
गंगा का हमारे देश के लिए बहुत अधिक महत्त्व है। गंगा नदी भारत के चार राज्यों में से होकर गुजरती है। ये हैं- उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल। भारत के इस मध्यम भाग को 'गंगा का मैदान' कहा जाता है। यह प्रदेश अत्यंत उपजाऊ, संपन्न तथा हरा-भरा है, जिसका श्रेय गंगा को ही है। इन राज्यों में कृषि-उपज से संबंधित तथा कृषि पर आधारित अनेक उद्योग-धंधे भी फैले हुए हैं, जिनसे लाखों लोगों की जीविका तो चलती ही है, राष्ट्रीय आय में वृद्धि भी होती है। पेयजल भी गंगा और उसकी नहरों के माध्यम से प्राप्त होता है।
यदि गंगा न होती तो हमारे देश का एक महत्त्वपूर्ण भाग बंजर तथा रेगिस्तान होता। इसीलिए गंगा उत्तर भारत की सबसे पवित्र व महत्त्वपूर्ण नदी है। गंगा नदी भारतीय संस्कृति का भी अभिन्न अंग है। भारत के प्राचीन ग्रंथों; जैसे- वेद, पुराण, महाभारत इत्यादि में गंगा की पवित्रता का वर्णन है। भारत के अनेक तीर्थ गंगा के किनारे पर ही स्थित हैं।
Answered on 16/06/2020 Learn CBSE - Class 12/Hindi/Antra/Chapter 21 - Hazari Prasad Dwivedi - Kurtiz/NCERT Solutions/Exercise 21
Deepika Agrawal
Interested to teach to class 1 to 5 , 6 to 10 , 11&12
कुटज ऐसा साथी है, जो कठिन दिनों में साथ रहा है। कालिदास ने अपनी रचना में जब रामगिरी पर्वत पर यक्ष को बादल से अनुरोध करने भेजा था, तो वहाँ कुटज का पेड़ ही विद्यमान था। उस समय में कुटज के फूल ही उसके काम आए थे। ऐसे स्थान पर जहाँ दूब तक पनप नहीं पाती है। यक्ष ने कुटज के फूल चढ़ाकर ही मेघ को प्रसन्न किया था। अतः उसे गाढ़े का साथी कहा गया है।
read lessAnswered on 17/06/2020 Learn CBSE - Class 12/Hindi/Antra/Chapter 21 - Hazari Prasad Dwivedi - Kurtiz/NCERT Solutions/Exercise 21
Deepika Agrawal
Interested to teach to class 1 to 5 , 6 to 10 , 11&12
नाम का जीवन में बहुत महत्व है। नाम है, जो मनुष्य की पहचान है। यदि हमें किसी के रूप, आकार आदि का वर्णन किया जाएगा, तो नाम नहीं होने के कारण हम उसे भली प्रकार से पहचान नहीं पाएँगे। मनुष्य को उसके चेहरे-मोहरे से पहचान भी लिया जाए लेकिन जब तक नाम याद न आए मनुष्य की पहचान अधूरी लगती है। समाज में लोग हमें इसी नाम से जानते हैं। यह समाज द्वारा स्वीकृत नाम है। अतः मनुष्य कितना सुंदर ही क्यों न यदि उसका नाम नहीं है, तो उससे पहचानने में बहुत कठिनाई होगी। नाम मनुष्य की पहचान बन गया है। गौर करें, तो हर प्राणी तथा वस्तु के लिए एक नाम दिया गया है। यह नाम इसलिए दिया गया है कि उसे पहचानना सरल हो। उसका रूप, रंग, आकार, गुण, दोष, जाति, धर्म इत्यादि के आधार पर नाम दिया जाता है। इसी पता चलता है कि नाम बहुत बड़ा है।
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